फूल खिलते नहीं यूंही अब मेरे दामन में
की लग चुकी हैं आग एक बार इस चमन में
वो क्या सींचेगे प्यार की इस बगिया को
जो तोड़ लेते हैं अलसुबह फूलों को.
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