JHOLA-CHHAP
Pages
Home
CAREER LINKS
Friday, September 5, 2008
कब तक छुपाये इस तड़प को
कब तक छुपाये इस तड़प को
सामने न हो तो चैन आता नही
और सामने हो तो कुछ याद रहता नही
क्या वो इतने अनजाने हैं
या फिर हम इतने दीवाने कि
उनके सिवा कुछ भाता नही
और उन्हें ये पता ही नही ।
Newer Posts
Older Posts
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)