Monday, February 2, 2009
Sunday, January 11, 2009
तुम्हारे लिए
किश्तों मे कश्ती जिंदगी की पार नही होती,
वो कह देते एक बार तो रिश्तों मे दरार नही होती।
वह कौन हैं जिसकी जिंदगी मे तकरार नही होती,
जंहा प्यार होता है वहां किसी की जीत और हार नही होती।
भले ही वो कुछ न कहे पर हर खामोशी इन्कार नही होती,
माना गलती हमसे हो गई पर कम्बख्त वो इज़हार नही होती.
वो कह देते एक बार तो रिश्तों मे दरार नही होती।
वह कौन हैं जिसकी जिंदगी मे तकरार नही होती,
जंहा प्यार होता है वहां किसी की जीत और हार नही होती।
भले ही वो कुछ न कहे पर हर खामोशी इन्कार नही होती,
माना गलती हमसे हो गई पर कम्बख्त वो इज़हार नही होती.
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